एक कॉलेज स्टूडेंट, नैना, अपने कॉलेज के दोस्तों के साथ एक कॉलेज ट्रिप पर जाती है। उनका गंतव्य था—एक पुरानी हवेली, जो 100 साल पहले की एक महारानी की थी। हवेली बहुत पुरानी थी और कई सालों से वहाँ कोई सफाई नहीं हुई थी। पूरा जगह धूल-मिट्टी और जाले से भरा हुआ था।
सारे स्टूडेंट्स हवेली को एक्सप्लोर करते हैं—पेंटिंग्स, किताबें, फर्नीचर और कमरे। नैना भी उनके साथ घूमती है।
वहाँ एक आदमी सभी को हवेली और महारानी सर्वभूमि की कहानी सुनाता है। नैना घूमते हुए महारानी की एक बड़ी तस्वीर के पास पहुँचती है। तस्वीर के नीचे लिखा था—सर्वभूमि।
नैना जब उस तस्वीर को देखती है, उसे कुछ अजीब सा लगता है, जैसे उसने यह लड़की कहीं देखी है। फिर उसकी नजर वहाँ पड़ी एक सुंदर डायरी पर। डायरी का कवर चमकदार पत्थरों से सजा था और उस पर छोटा सा लॉक भी था।
नैना डायरी खोलती है और पहले पन्ने पर बस लिखा था—सर्वभूमि। नैना को हमेशा से डायरी लिखने का शौक था। वह अपने अच्छे पल और सपने डायरी में लिखती थी, जिन्हें वह किसी से साझा नहीं करती थी।
नैना सोचती है कि यह धूल भरी डायरी किसके काम की होगी, और वह इसे अपने साथ ले जाती है। हवेली की खोज पूरी करने के बाद नैना डायरी घर ले जाती है।
कॉलेज का पहला दिन और तान्या
नैना लिखती है—
"आज कॉलेज का पहला दिन है। मैं चाहती हूँ कि मेरी एक अच्छी दोस्त मिल जाए, जिससे मैं सारी बातें कर सकूँ।"
कॉलेज जाते ही उसकी क्लास में कुछ लड़के उसे परेशान करने लगते हैं। तभी तान्या आती है और उन लड़कों को दूर भगा देती है।
नैना और तान्या अच्छे दोस्त बन जाते हैं। तान्या हमेशा नैना को सपोर्ट करती है। दोनों घूमते हैं, पिकनिक पर जाते हैं और घंटों फोन पर बातें करती हैं।
परीक्षा और परिणाम
नैना डायरी में लिखती है—
"कल मेरा एग्ज़ाम है और मैंने पढ़ाई नहीं की। मैं तो अपनी मम्मी को टॉप करके दिखाने वाली थी, लेकिन दोस्तों के साथ पार्टी और बातें करने में पढ़ाई छूट गई।"
अगले दिन नैना एग्ज़ाम देती है। वह उदास मन से पेपर लिखती है। तान्या उसे कहती है—"तुझे क्या टेंशन, तू टॉप करेगी।" नैना कहती है—"नहीं, हर बार नंबर 1 नहीं होंगे।"
एक हफ्ते बाद परिणाम आते हैं। नैना अपना नाम सबसे ऊपर देखती है। खुशी से डायरी में लिखती है। घर जाकर यह खुशखबरी अपनी मम्मी को बताती है और मम्मी बहुत खुश होती हैं।
नए स्टूडेंट अथर्व और प्यार की शुरुआत
नैना अगली बार डायरी में लिखती है—
"मैंने आज एक खुश जोड़े को देखा। दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे। काश ऐसा प्यार मेरे साथ भी होता।"
कॉलेज में एक नया स्टूडेंट आता है—अथर्व। वह बहुत हैंडसम, होशियार और रहस्यमयी है। वह किसी से ज्यादा बात नहीं करता, और शिक्षक के सभी सवाल उसे हमेशा पता होते हैं।
अथर्व को बास्केटबॉल खेलने का शौक है। एक दिन उसके क्लासमेट तरुण ने उसे चैलेंज किया। तरुण पिछली बार का बास्केट चैंपियन था। लेकिन अथर्व ने उसे बहुत आसानी से हरा दिया। उसके पास अद्भुत शक्तियाँ थीं, जो कोई नहीं जानता।
नैना अथर्व का व्यवहार देख कर हैरान होती है। उसे लगता है जैसे यह लड़का उसके सपनों में आया हुआ है। अथर्व हमेशा नैना का ख्याल रखता है, लेकिन दिखाता नहीं।
एक दिन अथर्व ने नैना को ट्रक से बचाया, जिसमें उसने अपने हाथों से ट्रक रोक लिया।
प्यार, धोखा और भ्रम
नैना और अथर्व धीरे-धीरे प्यार में पड़ जाते हैं और कॉलेज का सबसे रोमांटिक कपल बन जाते हैं।
एक दिन नैना को शक होता है कि अथर्व किसी और से प्यार करता है। रास्ते में चलते हुए अथर्व का वॉलेट गिर जाता है, और उसमें किसी अन्य लड़की की तस्वीर होती है। नैना को बहुत दुख और जलन होती है।
नैना डायरी में लिखती है—
"अथर्व ने मुझे धोखा दिया। मैं उससे कभी बात नहीं करूँगी। वह मेरी नजरों से दूर चला जाए।"
अगले दिन पता चलता है कि अथर्व कॉलेज नहीं आया। नैना परेशान होती है।
पिछली जिंदगी का रहस्य
क्लास की टीचर छात्रों को सर्वभूमि पर एक प्रोजेक्ट बनाने को कहती है। नैना फिर से हवेली जाती है। वहाँ उसे सर्वभूमि की तस्वीर याद आती है—जैसे उसने यह तस्वीर अथर्व के वॉलेट में देखी हो।
नैना past life regression के लिए therapist के पास जाती है। वहां वह बताती है कि वह रानी जैसी कपड़े पहने कमरे में है, और एक सुंदर लड़का उसे प्यार कर रहा है। उसका चेहरा ठीक से नहीं दिखता।
घर लौटकर डायरी में लिखती है—
"मेरा सपना कल सच सामने आएगा।"
अगले दिन फिर से थैरेपी में, नैना देखती है कि वह और वह लड़का आग में फँस गए हैं। मरने से पहले वह कहते हैं—"अगले जन्म में हम जरूर साथ होंगे।" लड़के का चेहरा साफ़ दिखता है—अथर्व।
सर्वभूमि की आत्मा और फाइनल
अगले दिन नैना घर लौटकर रोती है। अचानक सामने एक सफेद रोशनी आती है। वहाँ सर्वभूमि प्रकट होती है, चमकती हुई सफेद ड्रेस में। वह कहती है—
"मैं वही हूँ। जो प्यार मैंने पिछली जिंदगी में खोया था, अब तुम्हारे जरिए मिलेगा। अथर्व तुम्हारा आज है।"
डायरी में लिखा होता है—
"मैं तुम्हारे साथ हूं। लेकिन अभी तुम्हें दूर रहना होगा।"
नैना अथर्व से मिलती है और कहती है—
"मुझे पता चल गया कि तुम मुझसे दूर क्यों रहे।"
अथर्व सोचता है कि सर्वभूमि की मौत की वजह वही है, लेकिन नैना कहती है—
"नहीं, यह सच नहीं है। तुम खुद को दोष मत दो।"
फिर उन्हें कॉल आता है कि उनके सारे दोस्तों को हवेली में फँसाया गया है। नैना और अथर्व दौड़ते हुए हवेली पहुँचते हैं। वहाँ तेज़ हवा चल रही होती है। तान्या का असली इरादा सामने आता है। उसने अथर्व को चोट पहुँचाई और उसे बांध दिया। वह काला दिखाई देती है।
उसी समय सर्वभूमि की आत्मा आती है और तान्या को रोकती है। तान्या कहती है—"तुम तो मर गई थी, तुम कैसे वापस आई?"
सर्वभूमि कहती है—
"मैंने देखा कि तुम ने आग लगाई और हमारा प्यार खत्म किया।"
तुरंत तान्या आग में जलने लगती है और वहाँ से हमेशा के लिए चली जाती है।
हमेशा के लिए एक
नैना और अथर्व अब हमेशा के लिए एक हो जाते हैं और उनकी शादी हो जाती है।
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